आज से उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम, यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें!
Uttarakhand Roadways | Bus Strike | Transport Employees : उत्तराखंड रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तीन महीने के लंबित वेतन समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने आज यानी 30 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और चक्का जाम का ऐलान किया है। इससे प्रदेश में रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
गुरुवार को उत्तराखंड परिवहन निगम मुख्यालय में प्रबंध निदेशक रीना जोशी की अध्यक्षता में कर्मचारी यूनियन और निगम प्रबंधन के बीच करीब साढ़े तीन घंटे तक वार्ता हुई। हालांकि इस बैठक में मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद यूनियन ने आंदोलन शुरू करने का फैसला लिया।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि कर्मचारियों के तीन महीने के लंबित वेतन का भुगतान, महंगाई भत्ता (डीए) और दीपावली बोनस उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं। इसके अलावा बस बेड़े का विस्तार करने, डग्गामारी पर रोक लगाने और अवैध रूप से संचालित निजी बसों के परमिट के मामलों में कार्रवाई करने की मांग भी उठाई गई है।
यूनियन का कहना है कि वार्ता के दौरान इन मांगों पर सहमति नहीं बन पाई। इसी वजह से कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार और चक्का जाम का रास्ता चुना है।
यूनियन के मुताबिक परिवहन निगम की करीब 70 प्रतिशत बसों का संचालन उससे जुड़े कर्मचारी करते हैं। ऐसे में हड़ताल का असर बस सेवाओं पर पड़ सकता है। खासकर लंबी दूरी और मैदानी मार्गों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि बसों का संचालन कितनी सीमा तक प्रभावित होगा….यह कर्मचारियों की भागीदारी और परिवहन निगम की वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने देहरादून, नैनीताल और टनकपुर मंडलों की सभी इकाइयों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। महामंत्री अशोक चौधरी ने कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि प्रमुख मांगों का समाधान होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब यात्रियों की नजर परिवहन निगम प्रबंधन और कर्मचारी यूनियन के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है।
