August 10, 2026

हल्द्वानी से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या घटी, यात्रियों की पसंद में आया बदलाव

volvo bus

Uttarakhand: Volvo Bus Services: उत्तराखंड परिवहन निगम की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। खासकर सुपर डीलक्स वोल्वो सेवाओं को लेकर निगम का रुख लगातार यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। ताजा आदेश के तहत अब वही बसें निर्धारित मार्ग पर भेजी जाएंगी, जिनमें न्यूनतम 15 यात्री मौजूद होंगे। यदि संख्या इससे कम हुई, तो बस का संचालन रोक दिया जाएगा।

देहरादून आइएसबीटी पर इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। रोजाना पांच से छह वोल्वो बसें अंतिम समय में निरस्त करनी पड़ रही हैं। इससे वे यात्री सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन टिकट पहले से बुक कर यात्रा की योजना बनाई होती है। कई मामलों में यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे इंतजार कराने के बाद दूसरी बस से भेजा जा रहा है। ऐसे हालात में आइएसबीटी पर यात्रियों और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।

निगम फिलहाल दून-दिल्ली मार्ग पर 23 वोल्वो का संचालन करता है। लेकिन यात्री संख्या कम होने से आधा दर्जन बसें रोजाना निरस्त हो रही हैं। शनिवार को सुबह छह बजे से लेकर रात सात बजे तक कई बसें कैंसिल करनी पड़ीं। यहां तक कि दून-सहारनपुर-शामली-बागपत मार्ग से दिल्ली जाने वाली रात 11 बजे की बस का संचालन भी बंद कर दिया गया है। अब यह बस रुड़की-मुजफ्फरनगर होकर चलेगी।

यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि बसों को निरस्त करने के बावजूद टिकट बुकिंग पोर्टल से इन्हें हटाया नहीं गया है। ऐसे में लोग अनजाने में टिकट बुक कर लेते हैं और स्टेशन पर पहुंचकर उन्हें निराशा हाथ लगती है।

इधर, मानसून सीजन ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हल्द्वानी डिपो दिल्ली मार्ग पर पहले 18 वोल्वो चलाता था, लेकिन अब केवल नौ बसों का संचालन हो रहा है। काठगोदाम और अन्य डिपो की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। वरिष्ठ स्टेशन इंचार्ज इंदिरा भट्ट का कहना है कि चंडीगढ़ और जयपुर जैसे मार्गों पर भी सवारियों की कमी के कारण आए दिन बसों को रोकना पड़ रहा है। वहीं नेपाल में विवाद के चलते टनकपुर मार्ग की सवारियों में भी गिरावट देखी जा रही है।