August 11, 2026

हल्द्वानी में गणेश विसर्जन का विरोध शुरू, पहाड़ी आर्मी ने खोला मोर्चा

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हल्द्वानी: उत्तराखंड में जहां एक ओर गणेश महोत्सव के कार्यक्रम धूमधाम से शुरू हो गए हैं, वहीं दूसरी ओर हल्द्वानी में गणेश विसर्जन को लेकर विरोध की आवाजें भी उठने लगी हैं। पहाड़ी आर्मी ने इस मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए एसडीएम हल्द्वानी के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपा है।

संगठन के सदस्यों का कहना है कि गणेश विसर्जन उत्तराखंड की पारंपरिक संस्कृति का हिस्सा नहीं है। उनका मानना है कि देवभूमि उत्तराखंड में स्वयं भगवान गणेश का वास है और इस पवित्र भूमि पर विसर्जन की प्रथा को अपनाना उचित नहीं है। संगठन का तर्क है कि मुंबई सहित कई राज्यों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन वर्षों से किया जा रहा है, लेकिन उत्तराखंड में यह परंपरा नहीं रही। हाल के वर्षों में केवल दिखावे या अन्य राज्यों की नकल के चलते यहां भी यह प्रचलन शुरू हो गया है, जो भविष्य के लिए सही संकेत नहीं है।

पहाड़ी आर्मी के संस्थापक हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की अपनी विशिष्ट पहचान है। इसे अन्य राज्यों की परंपराओं की तरह बदलने या प्रभावित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सरकार ने इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया, तो संगठन सड़क पर उतरकर गणेश विसर्जन का पुरजोर विरोध करेगा।

संगठन का यह भी कहना है कि यहां गणेश महोत्सव का आयोजन पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा सकता है, लेकिन विसर्जन की परंपरा शुरू कर इसे उत्तराखंडी संस्कृति का हिस्सा बनाना उचित नहीं होगा। उनका मानना है कि इससे स्थानीय संस्कृति पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

फिलहाल, इस विरोध के चलते प्रशासन के सामने धार्मिक भावनाओं और परंपराओं के बीच संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।